राधा नयन भर 1 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 18, 2018 भाग- 1 देखि लै राधा नयन भरि कै.... अरी सखी, आज तैनें प्रातःकाल स्यामसुंदर के दरसन कियै हतै,कैसौ सुंदर सिंगार हौ? हाँ सखी दरसन तो करे हे। मैं तौ वा मनमोहिनी मूर्ति के दरसन करि कैं एक... Read more
भाग 1 अध्याय 1 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ गीतगोविन्दम् अथ प्रथम: सर्ग: १ मेघैर्मेदुरमम्बरं वनभुव: श्यामस्तमालद्रुमैर्नक्त्तं भीरुरयं त्वमेव तदिमं राधे! गृहं प्रापय। इत्थं नन्दनिदेशतश्र्चलितयो: प्रत्यध... Read more
भाग 2 अध्याय 1 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्रीगीतगोविन्दम् अथ प्रथम: सर्ग: अथ द्वितीय: प्रबन्ध: वेदानुद्धरते जगन्निवहते भूगोलमुद्विभ्रते दैत्यं दारयते बलिं छलयते क्षत्रक्षयं कुर्वते। पौलस्त्यं जयते हवं ... Read more
भाग 3 अद्याय 1 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्रीगीतगोविन्दम् अथ प्रथम: सर्ग: १ पद्यापयोधरतटीपरिरम्भलग्नकाश्मीर-मुद्रितमुरो मधुसूदनस्य। व्यक्त्तनुरागमिव खेलदनंगखेदस्वेदा-म्बुपूरमनुपूरयतु प्रियं व:।।... Read more
भाग 4 अध्याय 1 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्रीगीतगोविन्दम् अथ प्रथम: सर्ग: दरविदलितमल्लीवल्लिचञ्चत्पराग- प्रकटितपटवासैर्वासयन्काननानि। इह ही दहति चेत: केतकीगन्धबन्धु: प्रसरदसमबाणप्राणवद्गन्धवाह:।।... Read more