भाग 6अध्याय 2 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 श्रीकृष्णजी, श्रीराधारानी व गोपियों का संवाद~अथ श्रीगीतगोविन्दम् अथ द्वितीय: सर्ग: हस्तस्रस्तविलासवंशमनृजुभ्रूवल्लिम- द्वल्लवीवृन्दोत्सारिदृगन्तवी... Read more
भाग 7अध्याय 3 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्री गीतगोविन्दम् अथ तृतीय सर्ग: कंसारिरपि संसारवासनाबन्धश्रृख्ङलाम्। राधामाधाय हृदये तत्याज ब्रजसुन्दरी:।। १।। श्रीकृष्णचन्द्रजी ने सांसारिक को बाँधन... Read more
भाग 8 अध्याय 3 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्रीगीतगोविन्दम् अथ तृतीय सर्ग: भ्रूपल्लवं धनुरपांगतरंगितानि बाणागुण: श्रवणपालिरिति स्मरेण। तस्यामनंगजयजंगमदेवतायामस्त्राणि निर्जितजगन्ति ... Read more
भाग 9 अध्याय 4 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्री गीतगोविन्दम् अथ चतुर्थः सर्गः यमुनातीरवानीरनिकुञ्जे मन्दमास्थितम्। प्राह प्रेमभरोद्भ्रान्तं माधवं राधिकासखी।। १।। श्रीयमुना नदी के तीर बेंतों के कु... Read more
भाग 10अध्याय 4 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्रीगीतगोविन्दम् अथ चतुर्थ सर्गः~२ आवासो विपिनायते प्रियसखीमालापि जालायते तापो पि श्र्वसितेन दावादहनज्वालाकलापायते। सापि त्वद्विरहेण हन्त हरिणीरूपायते हा ... Read more
भाग 11 अध्याय 4 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्रीगीतगोविन्दम् अथ चतुर्थः सर्गः ~३ सा रोमाञ्चति सीत्करोति विलपत्युत्कम्पते ताम्यति ध्यायत्युद्भ्रमति प्रमीलति पतत्युद्याति मूर्च्छत्यपि। एतावत्यतनु... Read more
भाग 12 अध्याय 5 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 10, 2017 अथ श्रीगीतगोविन्दम् अथ पंचमः सर्गः ~प्रथमः अहमिह निवसामि याहि राधा- मनुनय मद्वचनेन चानयेथाः । इति मधुरिपुणा सखी नियुक्ता स्वयमिवमेत्य पुनर्जगाद राधाम्।। १।। श्री... Read more